दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दोपहर की चिलचिलाती गर्मी,
क़तारें लंबी, लोग थके हुए, बच्चे चिड़चिड़े—सब कुछ bình thường था।
लेकिन अचानक—
“अरे! ये क्या कर रहा है?!”
एक लड़की की चीख़ ने पूरा टर्मिनल 3 हिला दिया।
सबकी नज़रें एक साथ चेक-इन काउंटर E5 की ओर मुड़ीं।
26 वर्षीय रिया शर्मा, मार्केटिंग एग्ज़ीक्यूटिव, जैपुर जाने के लिए चेक-इन कर रही थी।
उसने एक हल्की गुलाबी फ्लोरल मैक्सी ड्रेस पहन रखी थी—साफ
उसी समय, वहाँ ज़मीन पर चुपचाप लेटा हुआ एक Golden Retriever — “लड्डू”,

जिसका मालिक था रामनाथ लाल, उत्तर प्रदेश के एक बुज़ुर्ग किसान।
वह अपने बेटे-बहू के पास कनाडा जा रहा था, और लड्डू उसके पोती के लिए एक सरप्राइज़ था।
लड्डू शांत, प्यारा, और पूरी तरह ट्रेनिंग वाला।
लेकिन जैसे ही रिया उसके पास से गुज़री—
लड्डू अचानक भौंककर उछला और उसकी ड्रेस के पीछे के हिस्से को दाँत से पकड़कर ज़ोर से खींच लिया!
रिया उछल पड़ी।
– “ओह माय गॉड! ये क्या कर रहा है?!”
लोग घबराकर इकट्ठा हुए,
रामनाथ हड़बड़ा गया,
सिक्योरिटी दौड़ पड़ी।
लेकिन लड्डू न भागा, न छोड़ा—
बस रिया की स्कर्ट ज़ोर से पकड़कर खींचता ही गया, जैसे रोकना चाहता हो।
रिया गुस्से में काँप उठी:
– “आप अपने कुत्ते को सँभालते भी नहीं? पागल हो गया है क्या?!”
तभी वहाँ मौजूद एयरपोर्ट सिक्योरिटी ऑफिसर — अर्जुन सेन आगे आया।
वह झुककर लड्डू को देखने लगा, फिर रिया के बैग की ओर घूरने लगा।
लड्डू भौंका नहीं—
बस रिया के sling bag को घूर रहा था।
अर्जुन ने धीरे से कहा:
– “मैडम, क्या मैं आपका बैग ज़रा चेक कर सकता हूँ?”
रिया ने भौंह चढ़ाई।
लेकिन सबकी नज़रों के बोझ और रामनाथ के बोलने पर—
– “बिटिया, ये सिक्योरिटी वाले हैं। चेक कर लेने दो।”
रिया को बैग देना पड़ा।
अर्जुन ने धीरे-धीरे बैग खोला…
और कुछ पल बाद, उसका चेहरा सख़्त हो गया।
एक छोटा-सा पैकेट—फूलों वाले गिफ्ट रैपर में लिपटा—उसने बाहर निकाला।
जैसे ही खोला—
तेज़, कच्ची गांजा जैसी गंध फैल गई।
एक सहकर्मी चीख पड़ा:
– “साब, ये तो चरस/गांजा है! अभी रिपोर्ट करो!”
रिया का चेहरा सफ़ेद पड़ गया।
वह वहीं लड़खड़ा कर बैठ गई:
– “ये… ये मेरा नहीं है… मुझे नहीं पता ये बैग में कैसे आया…”
20 मिनट बाद — सिक्योरिटी रूम में
रिया काँपते हुए बोली:
– “कल रात मेरा बॉयफ्रेंड आया था, उसने कहा ये एक छोटा-सा गिफ्ट है, बस जयपुर पहुँचा देना… मैंने खोला भी नहीं…”
अर्जुन ने पैकेट को स्कैन कराया—
कुल 280–300 ग्राम ड्राई मारिजुआना, कॉफी बीन्स में छिपा हुआ।
अर्जुन हैरान था:
“लेकिन लड्डू तो ट्रेंड K9 नहीं है… फिर इसे कैसे पता चला?”
रामनाथ ने शर्माते हुए कहा:
– “बाबू, ये पहले हमारे गाँव में एक जगह रहता था… जहाँ कुछ लड़के छुपकर धूम्रपान करते थे। इसे उस गंध से चिढ़ है। कई बार उन्हें भगाता था।”
वेटरिनरी एक्सपर्ट भी बुलाए गए—उन्होंने भी कहा:
– “ये फुल-ट्रेंड स्निफर नहीं है, पर इसकी नाक असाधारण रूप से संवेदनशील है। शायद वो गंध इसे ट्रिगर कर गई।”
अर्जुन ने रिया की आँखों में देखा:
– “आप लकी हैं कि ये कुत्ता यहाँ था। वरना आप सीधा NDPS एक्ट के तहत जेल जातीं।”
तभी एक नया कॉल आया—
दिल्ली पुलिस HQ से।
रिया का बॉयफ्रेंड — करण मल्होत्रा — एक इंटरस्टेट ड्रग नेटवर्क में वांटेड निकला।
पूरी इमारत में खलबली मच गई।
रात 11 बजे — करण गिरफ्तार
पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की—वह गुरुग्राम के एक सस्ते होटल में फर्जी ID से छिपा था।
कमरे से दो फर्जी आधार कार्ड और 30 लाख रुपये बरामद हुए।
रिया का दिल टूट गया—but she was finally safe.
अगली सुबह: सोशल मीडिया फट पड़ा
एक CCTV क्लिप वायरल हो गया:
“कुत्ते ने लड़की की स्कर्ट खींची — और उसकी जान बचा ली!”
लोग हँस भी रहे थे, दंग भी थे।
#HeroDogIndia
#DogSavedGirl
trend करने लगा।
लड्डू एक रात में सुपरस्टार बन गया।
रीया का बयान — पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर गया
टीवी इंटरव्यू में उसने कहा:
“हम जिन लोगों पर भरोसा करते हैं… कभी-कभी वही सबसे बड़ा खतरा बन जाते हैं।
कुत्ते ने मेरी इज़्ज़त नहीं बचाई—मेरी ज़िंदगी बचाई।”
रामनाथ भावुक होकर लड्डू का सिर सहलाते रहे।
लड्डू बस tail wag कर रहा था—
जैसे कह रहा हो:
“मैंने तो बस अपनी नाक का काम किया।”
**कहानी का अंत?
नहीं, कहानी का सबक:**
कभी-कभी एक छोटा-सा कुत्ता
वो सच दिखा देता है
जो इंसान पूरी दुनिया से छुपाता है।
